29 Aug Daily Panchangam| दैनिक पंचांगम् | 29th August 2020
अद्यतनीयम् पञ्चाङ्गम्
शनिवासरः भाद्रपद मासः शुक्ल पक्षः एकादशी एवं द्वादशी तिथि पूर्वाषाढ़ा एवं उत्तराषाढ़ा नक्षत्रम् आयुष्मान् योग: विष्टि करणम् २०७७ प्रमादी नाम सम्वत्सरः वैवस्वत मन्वन्तर: श्वेतवराह कल्प: सर्वेभ्यः मङ्गलकरः भवतु।
सुश्रान्तोऽपि वहेद् भारं शीतोष्णं न पश्यति। सन्तुष्टश्चरतो नित्यं त्रीणि शिक्षेच्च गर्दभात्॥
अर्थ – विद्वान व्यक्ति को चाहिए की वे गधे से तीन गुण सीखें। जिस प्रकार अत्यधिक थका होने पर भी वह बोझ ढोता रहता है, उसी प्रकार बुद्धिमान व्यक्ति को भी आलस्य न करके अपने लक्ष्य की प्राप्ति और सिद्धि के लिए सदैव प्रयत्न करते रहना चाहिए । कार्य सिद्धि में ऋतुओं के सर्द और गर्म होने का भी चिंता नहीं करना चाहिए और जिस प्रकार गधा संतुष्ट होकर जहां – तहां चर लेता है, उसी प्रकार बुद्धिमान व्यक्ति को भी सदा सन्तोष रखकर कर्म में प्रवृत रहना चाहिए।
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