15 Oct Daily Panchangam| दैनिक पंचांगम् |15 October 2020
अद्यतनीयम् पञ्चाङ्गम्
गुरुवासरः आश्विन(अधिक) मासः कृष्ण पक्षः त्रयोदशी एवं चतुर्दशी तिथि उत्तराफाल्गुनी एवं हस्त नक्षत्रम् ब्रह्म योग: वणिज करणम् २०७७ प्रमादी नाम सम्वत्सरः वैवस्वत मन्वन्तर: श्वेतवराह कल्प: सर्वेभ्यः मङ्गलकरः भवतु।
संहतिः श्रेयसी पुंसां स्वकुलैरल्पकैरपि।
तुषेणापि परित्यक्ता न प्ररोहन्ति तण्डुलाः॥
(हितोपदेश)
अर्थ – मनुष्यों के चाहें कितने भी थोड़े और निर्बल कुटुम्बिजन हो, उनसे मेल रखना ही श्रेयस्कर हैं। अपने छिलकों से अलग होने पर अनाज की अंकुरित होने में और नई फसल उगाने की क्षमता नहीं होती।
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